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रेलवे राजभाषा प्रश्नावली भाग 4: संक्षिप्त टिप्पणियाँ

 

रेलवे राजभाषा प्रश्नावली भाग 4: संक्षिप्त टिप्पणियाँ उत्तर सहित

रेलवे के राजभाषा प्रश्नावली के इस भाग में 16 महत्त्वपूर्ण विषयों पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ दी गई हैं। ये उत्तर सरल हिंदी में तैयार किए गए हैं, ताकि रेलवे अधिकारी और कर्मचारी प्रशिक्षण तथा परीक्षा की तैयारी में इनका उपयोग कर सकें।

प्रश्न 1. रेलवे सप्ताह पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: रेलवे सप्ताह भारतीय रेलवे की उपलब्धियों, सेवाओं और योगदान को याद करने तथा रेल कर्मचारियों के कार्यों को सम्मानित करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। भारतीय रेलवे में रेलवे सप्ताह के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को पुरस्कार दिए जाते हैं। इसके अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर समारोह आयोजित किए जाते हैं।

भारतीय रेलवे की पहली यात्री रेलगाड़ी 16 अप्रैल 1853 को मुंबई (तत्कालीन बंबई) से ठाणे के बीच चली थी। यह भारतीय रेल इतिहास की एक महत्त्वपूर्ण घटना है।

प्रश्न 2. राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) में निर्दिष्ट सरकारी दस्तावेजों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का प्रयोग अनिवार्य है। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित दस्तावेज शामिल हैं:

  1. संकल्प और सामान्य आदेश।

  2. नियम और अधिसूचनाएँ।

  3. प्रशासनिक तथा अन्य प्रतिवेदन।

  4. प्रेस विज्ञप्तियाँ।

  5. संसद के किसी सदन या दोनों सदनों के समक्ष रखे जाने वाले प्रशासनिक प्रतिवेदन और राजकीय कागजपत्र।

  6. केंद्र सरकार की ओर से निष्पादित अनुबंध, करार, लाइसेंस, परमिट, नोटिस और निविदा प्रपत्र।

इन दस्तावेजों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों में तैयार करना तथा जारी करना आवश्यक है। ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वे दोनों भाषाओं में जारी हों।

आधिकारिक संदर्भ: राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3)। 

रेलवे राजभाषा प्रश्नावली भाग 3: रिक्त स्थान भरिए — उत्तर और स्पष्टीकरण सहित

राजभाषा प्रश्नावली के इस भाग में राजभाषा नियम, 1976, हिंदी के प्रगामी प्रयोग, कार्यालयी पत्राचार और रेलवे में राजभाषा व्यवस्था से संबंधित रिक्त स्थान वाले प्रश्न दिए गए हैं।

प्रश्न 1. राजभाषा नियम, 1976 के अनुसार देश को ______, ______ और ______ क्षेत्रों में बाँटा गया है।

उत्तर: ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’।

स्पष्टीकरण: राजभाषा नियम, 1976 के नियम 2 में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का वर्गीकरण इन तीन क्षेत्रों में किया गया है।

प्रश्न 2. दिल्ली और आगरा ______ क्षेत्र में स्थित हैं।

उत्तर: ‘क’ क्षेत्र।

स्पष्टीकरण: दिल्ली और उत्तर प्रदेश दोनों ‘क’ क्षेत्र में आते हैं।

प्रश्न 3. मुंबई और सूरत ______ क्षेत्र में स्थित हैं।

उत्तर: ‘ख’ क्षेत्र।

रेलवे राजभाषा प्रश्नावली भाग 2: सही या गलत उत्तर सहित

प्रश्न 1. संघ की राजभाषा हिंदी और उसकी लिपि देवनागरी है।

उत्तर: सही।

स्पष्टीकरण: संविधान के अनुच्छेद 343(1) में संघ की राजभाषा हिंदी और उसकी लिपि देवनागरी निर्धारित की गई है।

प्रश्न 2. संविधान के अनुच्छेद 351 में हिंदी भाषा के विकास के संबंध में निर्देश दिया गया है।

उत्तर: सही।

स्पष्टीकरण: अनुच्छेद 351 संघ को हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाने और उसका विकास करने के लिए निर्देश देता है।

प्रश्न 3. राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3, 26 जनवरी 1967 से लागू हुई थी।

उत्तर: गलत।

स्पष्टीकरण: धारा 3, 26 जनवरी 1965 से लागू हुई थी।

प्रश्न 4. राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले सभी निर्दिष्ट दस्तावेज केवल हिंदी में जारी किए जा सकते हैं।

उत्तर: गलत।

स्पष्टीकरण: धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले निर्दिष्ट दस्तावेज हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में जारी किए जाने हैं।

रेलवे राजभाषा प्रश्नावली भाग 1 उत्तर सहित

राजभाषा प्रश्नावली के इस भाग में संविधान, राजभाषा अधिनियम, 1963, राजभाषा नियम, 1976 और हिंदी प्रशिक्षण से संबंधित 16 प्रश्न दिए गए हैं।

प्रत्येक प्रश्न के साथ सही उत्तर और संक्षिप्त स्पष्टीकरण दिया गया है, ताकि केवल उत्तर याद करने के बजाय संबंधित नियम को भी समझ सकें।

प्रश्न 1. संघ की राजभाषा और लिपि

प्रश्न: संविधान के अनुच्छेद 343(1) के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और उसकी लिपि देवनागरी है।

उत्तर: हाँ।

स्पष्टीकरण: संविधान के अनुच्छेद 343(1) में संघ की राजभाषा हिंदी और उसकी लिपि देवनागरी निर्धारित की गई है।

प्रश्न 2. भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप

प्रश्न: संघ के राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किए जाने वाले अंकों का रूप भारतीय अंकों का अंतरराष्ट्रीय रूप होगा।

उत्तर: हाँ।

स्पष्टीकरण: अनुच्छेद 343(1) में देवनागरी लिपि के साथ भारतीय अंकों के अंतरराष्ट्रीय रूप का उल्लेख है।

राजभाषा और राष्ट्रभाषा में अंतर (Difference between Official and National language)

राजभाषा (Official Language) और राष्ट्रभाषा (National Language) में अंतर

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा (Official Language of the Union) हिंदी तथा लिपि देवनागरी है। साथ ही, अंग्रेजी भाषा का प्रयोग भी संविधान एवं राजभाषा अधिनियम, 1963 के प्रावधानों के अनुसार जारी है।

महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भारतीय संविधान में "राष्ट्रभाषा" (National Language) का कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए भारत की कोई संवैधानिक राष्ट्रभाषा नहीं है।

फिर भी सामान्य भाषा-विज्ञान (Linguistics) एवं सामाजिक संदर्भों में "राष्ट्रभाषा" शब्द का प्रयोग उस भाषा के लिए किया जाता है जो व्यापक जनसमुदाय द्वारा बोली, समझी और राष्ट्रीय पहचान का माध्यम मानी जाती है।

Short Note - हिंदी के प्रयोग संबंधी वार्षिक कार्यक्रम (Annual Programme) (For LDCE) - Hindi / English

 हिंदी के प्रयोग संबंधी वार्षिक कार्यक्रम (Annual Programme) 

भारत सरकार की राजभाषा नीति (Official Language Policy), राजभाषा संकल्प, 1968 (Official Language Resolution, 1968), राजभाषा अधिनियम, 1963 (Official Languages Act, 1963) तथा राजभाषा नियम, 1976 (Official Language Rules, 1976) के अंतर्गत गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के राजभाषा विभाग (Department of Official Language) द्वारा प्रत्येक वर्ष हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग (Progressive Use of Hindi) को बढ़ावा देने के लिए एक वार्षिक कार्यक्रम (Annual Programme) जारी किया जाता है।

यह वार्षिक कार्यक्रम भारत सरकार के सभी मंत्रालयों (Ministries), विभागों (Departments), संलग्न एवं अधीनस्थ कार्यालयों (Attached and Subordinate Offices), सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (Public Sector Undertakings), निगमों (Corporations), बैंकों तथा स्वायत्त निकायों (Autonomous Bodies) पर लागू होता है।

Descriptive - Official Language Implementation Committees at Stations/Small Offices (For LDCE) - Hindi / English

स्टेशनों/लघु कार्यालयों में गठित राजभाषा कार्यान्वयन समितियाँ (Official Language Implementation Committees at Stations/Small Offices)

भारतीय रेल में राजभाषा अधिनियम, 1963 (Official Languages Act, 1963), राजभाषा नियम, 1976 (Official Language Rules, 1976) तथा गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग एवं रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न स्तरों पर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों (Official Language Implementation Committees - OLIC) का गठन किया जाता है।

गठन (Constitution)

जहाँ किसी स्टेशन, कार्यालय अथवा परिसर में विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालय कार्यरत हों, वहाँ राजभाषा हिंदी के प्रगतिशील प्रयोग की समीक्षा एवं समन्वय हेतु राजभाषा कार्यान्वयन समिति का गठन किया जाता है।

सामान्यतः संबंधित स्टेशन/कार्यालय के वरिष्ठतम अधिकारी (Senior Most Officer) को समिति का अध्यक्ष (Chairman) बनाया जाता है तथा विभिन्न विभागों/कार्यालयों के प्रमुख अधिकारी समिति के सदस्य होते हैं।

Descriptive - Main Provisions of the Official Languages Act, 1963 (as amended in 1967) (For LDCE) - Hindi / English

 

राजभाषा अधिनियम, 1963 (यथा संशोधित 1967) के प्रमुख प्रावधान क्या हैं?

राजभाषा अधिनियम, 1963 भारत के संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 343(3) के अंतर्गत संसद द्वारा पारित किया गया था। वर्ष 1967 में इसमें संशोधन किया गया, जिसके द्वारा संघ के राजकीय कार्यों में हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेज़ी के निरंतर प्रयोग की व्यवस्था की गई।

यह अधिनियम संघ सरकार, संसद तथा राज्यों के साथ पत्राचार में हिन्दी एवं अंग्रेज़ी के प्रयोग संबंधी प्रावधान निर्धारित करता है।

राजभाषा अधिनियम, 1963 (संशोधित 1967) के प्रमुख प्रावधान

1. संघ की राजभाषा

  • देवनागरी लिपि में हिन्दी संघ की राजभाषा है।

  • अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार हिन्दी के साथ अंग्रेज़ी का प्रयोग भी संघ के राजकीय कार्यों में जारी रहेगा।

Descriptive - Circumstances that led to the enactment of the Official Languages Act, 1963 (For LDCE) - Hindi / English

  राजभाषा अधिनियम, 1963 (Official Languages Act, 1963) लागू करने की पृष्ठभूमि एवं परिस्थिति


भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिन्दी तथा लिपि देवनागरी निर्धारित की गई। साथ ही यह प्रावधान किया गया कि संविधान लागू होने की तिथि (26 जनवरी 1950) से 15 वर्ष तक संघ के शासकीय कार्यों में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग जारी रहेगा।

इस प्रकार 26 जनवरी 1965 के बाद अंग्रेजी के स्थान पर हिन्दी को पूर्ण रूप से संघ की राजभाषा के रूप में लागू करने की परिकल्पना की गई थी।

किन्तु देश की भाषाई विविधता तथा विभिन्न राज्यों की प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए यह अनुभव किया गया कि अंग्रेजी का प्रयोग तत्काल समाप्त करना व्यावहारिक नहीं होगा।

Short Note - Cases Where Hindi Alone Should Be Used (For LDCE) - Hindi / English

 किन मामलों में केवल हिन्दी (Hindi Alone) का प्रयोग किया जाना चाहिए

राजभाषा नियम, 1976 के अनुसार निम्नलिखित मामलों में केवल हिन्दी का प्रयोग किया जाएगा—

1. हिन्दी में प्राप्त पत्रों के उत्तर

किसी कार्यालय को हिन्दी में प्राप्त पत्र (Letter/Communication) का उत्तर अनिवार्य रूप से हिन्दी में ही दिया जाएगा।

2. हिन्दी में प्रस्तुत आवेदन, अपील एवं अभ्यावेदन

यदि कोई आवेदन (Application), अपील (Appeal) अथवा अभ्यावेदन (Representation) हिन्दी में लिखा गया हो या हिन्दी में हस्ताक्षरित (Signed in Hindi) हो, तो उसका उत्तर हिन्दी में ही दिया जाएगा।

Short Note - The cases where Hindi and English bilingual forms should be used (For LDCE) - Hindi / English

 हिन्दी एवं अंग्रेजी द्विभाषी (Bilingual) प्रपत्रों का उपयोग 

राजभाषा नियमों एवं राजभाषा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निम्नलिखित मामलों में हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में द्विभाषी (Bilingual) प्रपत्रों/दस्तावेजों का उपयोग किया जाना चाहिए—

  1. केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों में उपयोग होने वाले सभी लेटरहेड पैड (Letter-head Pads)।

  2. रजिस्टरों (Registers) के शीर्षक तथा फाइल कवर (File Covers) पर विषय (Subject)।

  3. सभी रबर स्टाम्प (Rubber Stamps)।

Short Note - Cases Where Regional Language, Hindi and English Should Be Used (For LDCE) - Hindi / English

भारत सरकार की राजभाषा नीति तथा रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुसार निम्नलिखित मामलों में क्षेत्रीय भाषा, हिन्दी तथा अंग्रेजी का प्रयोग किया जाता है—

  1. स्टेशनों एवं केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के नामपट्ट एवं संकेत पट्ट
    (Name Boards and Sign Boards displayed at Stations and Central Government Offices)
  2. जनता द्वारा उपयोग किए जाने वाले प्रपत्र (Forms)
    (Forms meant for use by the Public)
  3. अधिकारियों के कक्षों के बाहर प्रदर्शित नामपट्ट एवं पदनाम पट्ट
    (Name Plates and Designation Boards displayed outside Officers' Rooms)

Short Note - हिन्दी प्रशिक्षण (Hindi Training) (For LDCE) - Hindi / English

 हिन्दी प्रशिक्षण (Hindi Training) 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार हिन्दी को संघ की राजभाषा (Official Language) के रूप में स्वीकार किया गया है। सरकारी कार्यों में हिन्दी के प्रगतिशील प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए हिन्दी प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई।

प्रारम्भ में हिन्दी प्रशिक्षण स्वैच्छिक (Voluntary) था, किन्तु राष्ट्रपति के दिनांक 27 अप्रैल 1960 के आदेश के अनुसार निर्धारित श्रेणियों के केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवाकालीन हिन्दी प्रशिक्षण (In-Service Hindi Training) अनिवार्य कर दिया गया। इसी प्रकार हिन्दी टंकण (Hindi Typing) एवं हिन्दी आशुलिपि (Hindi Stenography) का प्रशिक्षण भी प्रारम्भ किया गया।

केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों को हिन्दी प्रशिक्षण प्रदान करने का कार्य गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के राजभाषा विभाग (Department of Official Language) के अंतर्गत संचालित हिन्दी शिक्षण योजना (Hindi Teaching Scheme - HTS) द्वारा किया जाता है।

हिन्दी शिक्षण योजना के अंतर्गत निम्नलिखित पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं—

1. प्रबोध (Prabodh)

हिन्दी सीखने वाले प्रारम्भिक स्तर के कर्मचारियों के लिए प्राथमिक पाठ्यक्रम।

2. प्रवीण (Praveen)

मध्यवर्ती (Intermediate) स्तर का पाठ्यक्रम।

3. प्रज्ञा (Pragya)

उच्च स्तर का अंतिम हिन्दी पाठ्यक्रम।

4. पारंगत (Parangat)

ऐसा उन्नत पाठ्यक्रम, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को हिन्दी में दक्ष (Proficient) बनाना तथा कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी का प्रभावी उपयोग करने योग्य बनाना है।

रेलवे में हिन्दी शिक्षण योजना के अंतर्गत संचालित कक्षाओं में कर्मचारियों का नामांकन (Nomination), पंजीकरण (Enrolment), उपस्थिति (Attendance) तथा परीक्षाओं में सम्मिलित होने की व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी होती है।

प्रशिक्षणार्थियों को अध्ययन सामग्री एवं पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं तथा इन परीक्षाओं के लिए सामान्यतः कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाता।

हिन्दी प्रशिक्षण का महत्व

  • कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ावा देता है।

  • राजभाषा नीति (Official Language Policy) के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करता है।

  • हिन्दी नोटिंग एवं ड्राफ्टिंग (Noting & Drafting) में दक्षता विकसित करता है।

  • हिन्दी टंकण एवं आशुलिपि कौशल को प्रोत्साहित करता है।

  • द्विभाषी प्रशासन (Bilingual Administration) को सुदृढ़ बनाता है।

  • राजभाषा नियमों के अंतर्गत निर्धारित वार्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक होता है।


 Hindi Training

In accordance with the provisions of Article 343 of the Constitution of India, Hindi was adopted as the Official Language of the Union. To promote the progressive use of Hindi in official work, the Government of India introduced a systematic Hindi Training Programme for Central Government employees.
Initially, attendance in Hindi classes was voluntary. However, as per the Presidential Order dated 27 April 1960, in-service Hindi training was made compulsory for Central Government employees in specified categories. Training in Hindi Typing and Hindi Stenography was also introduced to facilitate official work in Hindi.

The responsibility for imparting Hindi training to Central Government employees is entrusted to the Hindi Teaching Scheme (HTS) under the Department of Official Language, Ministry of Home Affairs.

The Hindi Teaching Scheme conducts the following courses:

1. Prabodh

Elementary course for beginners.

2. Praveen

Middle or intermediate level course.

3. Pragya

Final course intended to provide higher proficiency in Hindi.

4. Parangat

Advanced course designed to make employees proficient in Hindi and capable of using it effectively in official work.

In the Railways, the primary responsibility is to coordinate nomination, enrolment and attendance of employees in Hindi classes conducted under the Hindi Teaching Scheme and to ensure their participation in the prescribed examinations.

Training material and books are generally supplied free of cost to the nominated trainees and no examination fee is charged for these courses.

Importance of Hindi Training

  • Promotes the use of Hindi in official correspondence.

  • Helps in implementation of the Official Language Policy.

  • Improves proficiency in Hindi noting and drafting.

  • Facilitates Hindi typing and stenography work.

  • Enhances efficiency in bilingual administration.

  • Assists in achieving the annual targets prescribed under the Official Language Rules.

याद रखें — प्रबोध → प्रवीण → प्रज्ञा → पारंगत हिन्दी शिक्षण योजना के चार प्रमुख पाठ्यक्रम हैं। परीक्षा में अक्सर इनके क्रम तथा उद्देश्य से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

Short Note - हिन्दी सलाहकार समिति (Hindi Salahkar Samiti) (For LDCE) - Hindi / English

हिन्दी सलाहकार समिति (Hindi Salahkar Samiti)

राजभाषा नीति (Official Language Policy) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार के प्रत्येक मंत्रालय एवं विभाग में संबंधित मंत्री की अध्यक्षता में हिन्दी सलाहकार समिति का गठन किया जाता है।

इस समिति का मुख्य उद्देश्य मंत्रालय/विभाग में हिन्दी के प्रयोग की प्रगति की समीक्षा करना, राजभाषा हिन्दी के अधिकाधिक उपयोग हेतु सुझाव देना तथा राजभाषा अधिनियम, 1963, राजभाषा नियम, 1976 एवं भारत सरकार की राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है।

Short Note - केंद्रीय हिन्दी समिति (Central Hindi Committee) (For LDCE) - Hindi / English

 

केंद्रीय हिन्दी समिति (Central Hindi Committee)

केंद्रीय हिन्दी समिति भारत सरकार की राजभाषा नीति (Official Language Policy) के कार्यान्वयन, हिन्दी के प्रचार-प्रसार तथा उसके विकास से संबंधित सर्वोच्च नीति-निर्धारक समिति (Apex Policy-Making Body) है।

इस समिति का गठन वर्ष 1967 में भारत के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में किया गया था। इसका उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों, विभागों तथा राज्य सरकारों के बीच समन्वय स्थापित करना तथा राजकीय कार्यों में हिन्दी के प्रगतिशील प्रयोग (Progressive Use of Hindi) के लिए नीतिगत दिशा-निर्देश प्रदान करना है।

यह समिति राजभाषा नीति के क्रियान्वयन की समीक्षा करती है तथा सरकारी कार्यालयों में हिन्दी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए आवश्यक सुझाव एवं दिशा-निर्देश प्रदान करती है।

Descriptive - राजभाषा संकल्प, 1968 (Official Language Resolution, 1968) (For LDCE) - Hindi / English

 राजभाषा संकल्प, 1968

राजभाषा अधिनियम, 1963 तथा उसके 1967 के संशोधन के पश्चात संसद के दोनों सदनों द्वारा दिसंबर 1967 में एक महत्वपूर्ण संकल्प पारित किया गया, जिसे 18 जनवरी 1968 को अधिसूचित किया गया। इसे राजभाषा संकल्प, 1968 (Official Language Resolution, 1968) कहा जाता है।

यह संकल्प भारत सरकार की राजभाषा नीति (Official Language Policy) का व्यापक स्वरूप प्रस्तुत करता है। इसका उद्देश्य संघ के राजकीय कार्यों में हिन्दी के प्रगतिशील प्रयोग को बढ़ावा देना तथा साथ ही विधि के अनुसार अंग्रेजी के प्रयोग को बनाए रखना है।

Short Note on Article 351 (For LDCE) (For LDCE) - Hindi / English

 अनुच्छेद 351 पर संक्षिप्त टिप्पणी 

अनुच्छेद 351 – हिन्दी भाषा के विकास संबंधी संवैधानिक निर्देश

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 351 हिन्दी भाषा के विकास एवं संवर्धन के संबंध में संघ सरकार को निर्देश प्रदान करता है। इसके अनुसार संघ का यह कर्तव्य होगा कि वह हिन्दी भाषा का प्रचार-प्रसार करे तथा उसका ऐसा विकास करे कि वह भारत की सामासिक संस्कृति (Composite Culture) के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम बन सके।

Short Note - Various Hindi Courses Prescribed under the Hindi Teaching Scheme.(For LDCE) - Hindi / English

  हिन्दी शिक्षण योजना (Hindi Teaching Scheme) के अंतर्गत संचालित विभिन्न हिन्दी पाठ्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण

उत्तर - केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों को हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान (Working Knowledge) तथा कार्यालयी कार्यों में हिन्दी के प्रयोग हेतु प्रशिक्षित करने के लिए गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा हिन्दी शिक्षण योजना (Hindi Teaching Scheme) संचालित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख पाठ्यक्रम संचालित किये जाते हैं—

1. प्रबोध (Prabodh) – प्रारम्भिक पाठ्यक्रम

प्रबोध हिन्दी शिक्षण योजना का प्रथम अथवा प्रारम्भिक (Elementary) पाठ्यक्रम है।

पात्रता

  • ऐसे कर्मचारी जिन्हें हिन्दी का कोई पूर्व ज्ञान नहीं है।

  • जिनकी मातृभाषा अंग्रेजी या दक्षिण भारतीय भाषाएँ (तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम आदि) हैं।

Short Note - Various Facilities Available for Training of Hindi Courses (For LDCE) - Hindi / English

 

36. हिंदी पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण प्राप्त करने हेतु उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का संक्षिप्त विवरण दीजिए।

उत्तर - कर्मचारियों को हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान प्रदान करने तथा राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु हिंदी प्रशिक्षण की निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध हैं—

1. नियमित पाठ्यक्रम (Regular Course)

यह पाठ्यक्रम हिंदी शिक्षण योजना (Hindi Teaching Scheme - HTS) द्वारा प्रमुख नगरों के चयनित प्रशिक्षण केंद्रों पर संचालित किया जाता है।

Short Note on Hindi Workshop (For LDCE) - Hindi / English

 

37. हिंदी कार्यशाला (Hindi Workshop) पर संक्षिप्त टिप्पणी

उत्तर:  हिंदी कार्यशालाओं (Hindi Workshops) का आयोजन उन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए नियमित रूप से किया जाता है जिन्हें हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान (Working Knowledge) अथवा प्रवीणता (Proficiency) प्राप्त है। इन कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की हिंदी में कार्य करने की झिझक दूर करना तथा उन्हें कार्यालयीन कार्य मूल रूप से हिंदी में करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

यह प्रयास किया जाता है कि प्रत्येक हिंदी जानने वाले कर्मचारी को वर्ष में कम-से-कम एक बार हिंदी कार्यशाला में भाग लेने का अवसर मिले तथा वह हिंदी में कार्यालयीन कार्य का व्यावहारिक अभ्यास कर सके।

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