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Short note - ‘World Hindi Day’.(For LDCE)

प्रश्न: "विश्व हिन्दी दिवस" पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: विश्व हिन्दी दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस हिन्दी भाषा के अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार एवं वैश्विक स्तर पर उसकी प्रतिष्ठा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। 10 जनवरी 1975 को नागपुर में प्रथम विश्व हिन्दी सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसी ऐतिहासिक घटना की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर पर भारत सरकार का विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs - MEA), विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों एवं मिशनों के माध्यम से तथा राजभाषा विभाग द्वारा हिन्दी के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न कार्यक्रम, संगोष्ठियाँ, कार्यशालाएँ, साहित्यिक आयोजन एवं प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं।

HOW TO DO - मोबाइल फोन पर गूगल हिन्दी वाइस टाइपिंग के लिए

मोबाइल फोन पर हिन्दी वॉइस टाइपिंग कैसे करें?

आज के समय में मोबाइल फोन पर हिन्दी में टाइप करना बहुत आसान हो गया है। Google की वॉइस टाइपिंग (Voice Typing) सुविधा की सहायता से आप बोलकर हिन्दी में SMS, WhatsApp संदेश, E-mail, Google Docs तथा अन्य दस्तावेज़ आसानी से लिख सकते हैं।

चरण 1 : Gboard (Google Keyboard) इंस्टॉल करें

  • अपने मोबाइल में Play Store खोलें।

  • "Gboard – Google Keyboard" खोजें।

  • यदि Gboard इंस्टॉल नहीं है, तो उसे डाउनलोड एवं इंस्टॉल करें।

  • अधिकांश Android मोबाइल में Gboard पहले से उपलब्ध होता है।

चरण 2 : Gboard को डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड बनाएं

  • मोबाइल की Settings (सेटिंग्स) खोलें।

  • System > Languages & Input (भाषा एवं इनपुट) पर जाएँ।

  • On-screen Keyboard (ऑन-स्क्रीन कीबोर्ड) चुनें।

  • Gboard को सक्षम (Enable) करें।

  • Default Keyboard (डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड) के रूप में Gboard का चयन करें।

चरण 3 : हिन्दी भाषा जोड़ें

  • Gboard Settings खोलें।

  • Languages (भाषाएँ) विकल्प चुनें।

  • Add Keyboard (कीबोर्ड जोड़ें) पर क्लिक करें।

  • हिन्दी (Hindi) भाषा का चयन करें।

  • अपनी पसंद के अनुसार हिन्दी (देवनागरी), हिन्दी-इंग्लिश (Hinglish) या Handwriting विकल्प चुन सकते हैं।

चरण 4 : वॉइस टाइपिंग सक्षम करें

  • Gboard Settings में Voice Typing (वॉइस टाइपिंग) विकल्प खोलें।

  • Voice Typing को ON करें।

  • Google Voice Typing को अनुमति (Permission) प्रदान करें।

  • माइक्रोफोन (Microphone) की अनुमति भी Allow करें।

चरण 5 : हिन्दी में बोलकर टाइप करें

  • WhatsApp, SMS, E-mail, Google Docs या किसी भी एप्लीकेशन को खोलें।

  • जहाँ टाइप करना हो, वहाँ क्लिक करें।

  • कीबोर्ड के ऊपर या दाईं ओर दिखाई देने वाले माइक्रोफोन (🎤) चिन्ह पर टैप करें।

  • भाषा के रूप में हिन्दी (Hindi) चुनें।

  • अब स्पष्ट आवाज़ में सामान्य गति से बोलें।

  • आपका बोला हुआ पाठ स्वतः हिन्दी में टाइप होता जाएगा।

बेहतर परिणाम के लिए सुझाव

  • स्पष्ट एवं सामान्य गति से बोलें।

  • शोर-रहित वातावरण में वॉइस टाइपिंग करें।

  • विराम चिह्न (Punctuation) भी बोल सकते हैं, जैसे—

    • पूर्ण विराम

    • अल्पविराम

    • प्रश्नवाचक चिन्ह

    • नई पंक्ति

  • इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध होने पर वॉइस टाइपिंग अधिक सटीक कार्य करती है।

वॉइस टाइपिंग का उपयोग कहाँ कर सकते हैं?

  • SMS

  • WhatsApp

  • Telegram

  • E-mail

  • Google Docs

  • Blogger

  • Facebook

  • Instagram

  • Notes App

  • ChatGPT एवं अन्य AI एप्लीकेशन


Google की हिन्दी वॉइस टाइपिंग सुविधा के माध्यम से बिना टाइप किए केवल बोलकर तेज़ी से हिन्दी में लेख, नोट्स, संदेश एवं दस्तावेज़ तैयार किए जा सकते हैं। एक बार सेटिंग करने के बाद आप किसी भी समर्थित एप्लीकेशन में हिन्दी वॉइस टाइपिंग का उपयोग कर सकते हैं।

भारत सरकार एवं भारतीय रेल में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ाने हेतु सुझाव


भारत सरकार एवं भारतीय रेल में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ाने हेतु सुझाव

भारत सरकार की राजभाषा नीति का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में हिंदी का प्रगतिशील प्रयोग बढ़ाना तथा राजभाषा अधिनियम, 1963 एवं राजभाषा नियम, 1976 के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करना है। वर्तमान समय में सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology), ई-ऑफिस (e-Office), डिजिटल संचार तथा ऑनलाइन कार्य प्रणालियों के विस्तार के कारण हिंदी में कार्य करना पहले की अपेक्षा अधिक सरल हो गया है। अतः भारत सरकार एवं भारतीय रेल के कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ाने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं।

1. हिंदी प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण

  • कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए नियमित हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए।

  • हिंदी में नोटिंग, ड्राफ्टिंग तथा ई-ऑफिस कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाए।

  • हिंदी टंकण (Hindi Typing) एवं यूनिकोड (Unicode) आधारित कार्य प्रणाली का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए।

  • नव नियुक्त कर्मचारियों को प्रारंभ से ही हिंदी में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए।

राजभाषा हिंदी का स्थान (For LDCE)

राजभाषा हिंदी का स्थान

हिंदी भारत की सर्वाधिक बोली और समझी जाने वाली भाषाओं में से एक है। यह देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के बीच संपर्क भाषा (Link Language) के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हिंदी का प्रयोग साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा, प्रशासन, जनसंचार तथा सामाजिक जीवन के अनेक क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है। भारत में प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों एवं पत्रिकाओं का एक बड़ा भाग हिंदी भाषा में प्रकाशित होता है, जो इसकी लोकप्रियता और व्यापकता को दर्शाता है।

स्वतंत्रता आंदोलन और हिंदी

हिंदी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अनेक राष्ट्रीय नेताओं ने हिंदी को जनसंपर्क और जनजागरण का प्रभावी माध्यम बनाया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी हिंदी तथा हिंदुस्तानी को भारत की राष्ट्रीय एकता का आधार मानते थे। उनका विश्वास था कि स्वतंत्र भारत का प्रशासन और जनजीवन भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिंदी, के माध्यम से संचालित होना चाहिए।

राजभाषा निति संबंधी प्रमुख निर्देश

राजभाषा नीति संबंधित प्रमुख निर्देश 

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राजभाषा नीति संबंधी प्रमुख निदेश


1. राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत संकल्प, सामान्य आदेश, नियम, अधिसूचनाएं, प्रशासनिक व अन्य रिपोर्ट, प्रेस विज्ञप्तियां, संसद के किसी सदन या दोनों सदनों के समक्ष रखी जाने वाली प्रशासनिक तथा अन्य रिपोर्ट व सरकारी कागजात, संविदा, करार, अनुज्ञप्तियां, अनुज्ञापत्र, निविदा सूचनाएं और निविदा प्रपत्र द्विभाषिक रूप में, अंग्रेजी और हिंदी, दोनों में जारी किए जाएं। राजभाषा नियम, 1976 के नियम 6 के अंतर्गत ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति का दायित्व यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे दस्तावेज हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार, निष्पादित अथवा जारी किए जाएं।

2. राजभाषा नियम, 1976 के नियम 5 के अनुसार केंद्र सरकार के कार्यालयों से हिंदी में प्राप्त पत्रादि का उत्तर हिंदी में ही दिया जाना है।

3. राजभाषा नियम, 1976 के नियम 10(4) के अनुसार केंद्र सरकार के जिन कार्यालयों के 80 प्रतिशत कार्मिकों ने हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो, उन कार्यालयों के नाम राजपत्र में अधिसूचित किए जाएं। इसके अंतर्गत अधिसूचित बैंकों की शाखाओं में निम्नलिखित कार्य हिंदी में किए जाएं:-

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