राजभाषा नीति संबंधित प्रमुख निर्देश
राजभाषा नीति संबंधी प्रमुख निदेश
1. राजभाषा अधिनियम, 1963 की धारा 3(3) के अंतर्गत संकल्प, सामान्य आदेश, नियम, अधिसूचनाएं, प्रशासनिक व अन्य रिपोर्ट, प्रेस विज्ञप्तियां, संसद के किसी सदन या दोनों सदनों के समक्ष रखी जाने वाली प्रशासनिक तथा अन्य रिपोर्ट व सरकारी कागजात, संविदा, करार, अनुज्ञप्तियां, अनुज्ञापत्र, निविदा सूचनाएं और निविदा प्रपत्र द्विभाषिक रूप में, अंग्रेजी और हिंदी, दोनों में जारी किए जाएं। राजभाषा नियम, 1976 के नियम 6 के अंतर्गत ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति का दायित्व यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे दस्तावेज हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार, निष्पादित अथवा जारी किए जाएं।
2. राजभाषा नियम, 1976 के नियम 5 के अनुसार केंद्र सरकार के कार्यालयों से हिंदी में प्राप्त पत्रादि का उत्तर हिंदी में ही दिया जाना है।
3. राजभाषा नियम, 1976 के नियम 10(4) के अनुसार केंद्र सरकार के जिन कार्यालयों के 80 प्रतिशत कार्मिकों ने हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लिया हो, उन कार्यालयों के नाम राजपत्र में अधिसूचित किए जाएं। इसके अंतर्गत अधिसूचित बैंकों की शाखाओं में निम्नलिखित कार्य हिंदी में किए जाएं:-


