Rajbhasha Smart Search


Sort :
Loading...
Go to Page :
Showing posts with label Rajbhasha Awareness. Show all posts
Showing posts with label Rajbhasha Awareness. Show all posts

राजभाषा और राष्ट्रभाषा में अंतर (Difference between Official and National language)

राजभाषा (Official Language) और राष्ट्रभाषा (National Language) में अंतर

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा (Official Language of the Union) हिंदी तथा लिपि देवनागरी है। साथ ही, अंग्रेजी भाषा का प्रयोग भी संविधान एवं राजभाषा अधिनियम, 1963 के प्रावधानों के अनुसार जारी है।

महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि भारतीय संविधान में "राष्ट्रभाषा" (National Language) का कोई उल्लेख नहीं है। इसलिए भारत की कोई संवैधानिक राष्ट्रभाषा नहीं है।

फिर भी सामान्य भाषा-विज्ञान (Linguistics) एवं सामाजिक संदर्भों में "राष्ट्रभाषा" शब्द का प्रयोग उस भाषा के लिए किया जाता है जो व्यापक जनसमुदाय द्वारा बोली, समझी और राष्ट्रीय पहचान का माध्यम मानी जाती है।

भारत सरकार एवं भारतीय रेल में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ाने हेतु सुझाव


भारत सरकार एवं भारतीय रेल में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ाने हेतु सुझाव

भारत सरकार की राजभाषा नीति का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में हिंदी का प्रगतिशील प्रयोग बढ़ाना तथा राजभाषा अधिनियम, 1963 एवं राजभाषा नियम, 1976 के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करना है। वर्तमान समय में सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology), ई-ऑफिस (e-Office), डिजिटल संचार तथा ऑनलाइन कार्य प्रणालियों के विस्तार के कारण हिंदी में कार्य करना पहले की अपेक्षा अधिक सरल हो गया है। अतः भारत सरकार एवं भारतीय रेल के कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और अधिक बढ़ाने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं।

1. हिंदी प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण

  • कर्मचारियों एवं अधिकारियों के लिए नियमित हिंदी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए।

  • हिंदी में नोटिंग, ड्राफ्टिंग तथा ई-ऑफिस कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाए।

  • हिंदी टंकण (Hindi Typing) एवं यूनिकोड (Unicode) आधारित कार्य प्रणाली का प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए।

  • नव नियुक्त कर्मचारियों को प्रारंभ से ही हिंदी में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया जाए।

हिंदी के प्रयोग - प्रसार को बढ़ने के लिए उठाये गए कदम

हिंदी के प्रयोग - प्रसार को बढ़ने के लिए उठाये गए कदम 


भारत की राजभाषा नीति का मूल उद्देश्य सरकारी कामकाज में हिंदी का व्यापक उपयोग और प्रसार करना है, ताकि आम जनता तक सुगम और सहज संचार सुनिश्चित हो सके। संविधान के अनुच्छेद 343 के अंतर्गत हिंदी को राजभाषा का दर्जा प्राप्त है और सरकार ने समय-समय पर इसके प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं और निर्देश जारी किए हैं।

आज डिजिटल युग में भी राजभाषा हिंदी का महत्व कम नहीं हुआ बल्कि और बढ़ गया है। ई-ऑफिस, मोबाइल ऐप, वेबसाइट, सोशल मीडिया और सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण में हिंदी को अनिवार्य स्थान देने के लिए ठोस प्रयास हो रहे हैं।

नीचे ऐसे प्रमुख कदमों का विवरण दिया गया है, जिनसे सरकारी तंत्र में हिंदी के प्रयोग और प्रसार को सुदृढ़ किया जा रहा है।

भारतीय रेल व्दारा हिंदी के प्रयोग - प्रसार को बढ़ाने क लिए क्या कदम उठाये गये है

भारतीय रेल व्दारा हिंदी के प्रयोग - प्रसार को बढ़ाने क लिए क्या कदम उठाये गये है 

  1. सभी विभागों  लिए यह अनिवार्य है की वे अपने कार्यालय में राजभाषा कार्यान्वयन समितियों का गठन कराए और संबंधित कार्यालय के कार्यालय अध्यक्ष को इस समिति के अध्यक्ष के रूप में नामित किया जाना चाहिए 
  2. समितियों में उचित अनुपात में अहिंदी भाषी अधिकारियो को प्रतिनिधित्व दिया जाये तथा जहां तक हो सके कोशिश की जाये कि किसी भी समिति में आधे सदस्य अहिंदी भाषी हो।
     
  3.  समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवश्य की जानी चाहिए।
     
  4.  जो कर्मचारी हिंदी संबंधी प्रतियोगिताओ में पुरस्कृत किये जाते है उन्हें राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक में आमंत्रित किया जाये ।  

भारतीय रेल की हिंदी प्रोत्साहन एवं पुरस्कार योजनाएं

(1)  हिंदी परीक्षाएं -  हिंदी प्रशिक्षण के लिए प्रबोध, प्रवीण और प्राज्ञ पाठ्यक्रम है । इन पाठयक्रमों की अवधि 5-5 महिनों की है । वे पाठयक्रम पूर्णकालिक हैं और इन्हें नियत कार्य दिवसों में पूरा किया जाता है । पाठ्यक्रम की परीक्षा उत्तीर्ण करने पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाते हैं तथा विशेष योग्यता के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करने पर निम्नलिखित राशि प्रदान की जाती है :-  
                                                                                  प्रबोध               प्रवीण                प्राज्ञ   
70% से अधिक अंक प्राप्त करने पर                          1600/- रुपए         1800/-   रुपए       2400/- रुपए
60% से 69% तक अंक प्राप्त करने पर                      800/-     रुपए       1200/-   रुपए       1600/- रुपए
55% से 59% तक अंक प्राप्त करने पर                      400/-     रुपए       600/-     रुपए       800/- रुपए

हिंदी परीक्षाएं पास करने पर नियमानुसार एक वर्ष हेतु वैयक्तिक वेतन भी दिया जाता है ।

हिन्दी के प्रोत्साहन के लिए पुरस्कार योजना

प्रोत्साहन पुरस्कार 

  1. राजीव गाँधी ज्ञान - विज्ञान पुरस्कार 
  2. रेलमंत्री राजभाषा शील्ड/ट्राफी योजना 
  3. रेलमंत्री हिंदी निबंध प्रतियोगिता 
  4. महाप्रबंधक रेलमंत्री व्यक्तिगत नगद पुरस्कार योजना 
  5. व्यक्तिगत नगद पुरस्कार योजना 
  6. इंदिरा गाँधी राजभाषा पुरस्कार 
  7. लालबहादुर शास्त्री तकनीकी मौलिक लेखन पुरस्कार 
  8. कथा संग्रह, उपन्यास के लिए प्रेमचंद्र पुरस्कार
  9.  काव्य संग्रह के लिए मैथिली शरण गुप्त पुरस्कार 
  10. सामूहिक पुरस्कार योजना 
  11. रेल यात्रा वृतांत पुरस्कार योजना 
  12. हिंदी में टिप्पणी तथा प्रारूप लेखन  के लिये पुरस्कार 
  13. हिंदी में टाइपिस्ट एवं आशुलिपिक की प्रोत्साहन भत्ता 
  14. हिंदी में डिक्टेशन देने वाले अधिकारियो की लिये पुरस्कार 
  15. एक वेतन वृध्दि के बराबर विशेष वेतन योजना 
  16. आदर्श स्टेशन/कार्यालय/मंडल/वर्कशॉप के लिए राजभाषा शील्ड/ट्राफी योजना 













.

Translate