नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति

भारत विविध भाषाओं वाला देश है, लेकिन सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना एक महत्वपूर्ण दायित्व है। भारत सरकार की राजभाषा नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न स्तरों पर कई योजनाएं और समितियां गठित की गई हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण इकाई है – नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (Nagar Rajbhasha Karyanvayan Samiti / NARAKAS)।

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति क्या है?

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (NARAKAS) भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा गठित एक स्थानीय समिति होती है। इसका उद्देश्य है:

✅ केन्द्र सरकार के कार्यालयों, उपक्रमों और बैंकों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना
✅ राजभाषा नीति के कार्यान्वयन में आ रही समस्याओं का समाधान करना
✅ सरकारी आदेशों और दिशा-निर्देशों को स्थानीय स्तर पर ठीक से लागू कराना

गठन की प्रक्रिया

➡️ किन कार्यालयों के लिए गठित होती है?
किसी नगर में अगर केन्द्र सरकार के 10 या उससे अधिक कार्यालय/उपक्रम/बैंक मौजूद हों, तो वहां NARAKAS गठित की जा सकती है।

➡️ अध्यक्ष कौन होता है?
समिति का अध्यक्ष उस नगर के केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों/बैंकों/उपक्रमों में से किसी वरिष्ठतम अधिकारी को बनाया जाता है।

➡️ अनुमोदन किसका होता है?
गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के सचिव के अनुमोदन से समिति का गठन किया जाता है।

पूरे देश में स्थिति

वर्तमान में देशभर में लगभग 264 नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियां कार्यरत हैं। ये समितियां अलग-अलग शहरों में स्थानीय केन्द्र सरकार कार्यालयों के बीच समन्वय स्थापित करती हैं।

समिति के कार्य

नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:

1️⃣ वर्ष में कम से कम दो बैठकें आयोजित करना

  • इसमें सभी सदस्य कार्यालयों में राजभाषा के उपयोग की समीक्षा की जाती है

  • कार्यान्वयन में आ रही समस्याओं पर चर्चा होती है

2️⃣ राजभाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम

  • कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए हिंदी प्रशिक्षण आयोजित करना

  • राजभाषा कार्यशालाओं की व्यवस्था करना

3️⃣ हिंदी प्रतियोगिताएं

  • हिंदी निबंध लेखन, टिप्पण/आलेख लेखन, प्रश्नोत्तरी आदि प्रतियोगिताएं

  • पुरस्कारों के माध्यम से प्रोत्साहन देना

4️⃣ दिशा-निर्देश और वार्षिक कार्यक्रम का प्रचार

  • राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम को सदस्य कार्यालयों में लागू कराना

  • समय-समय पर जारी सरकारी आदेशों की जानकारी देना

राजभाषा के प्रयोग को बढ़ावा

सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए NARAKAS एक मंच का कार्य करता है। अलग-अलग कार्यालयों के अधिकारी यहां एक साथ बैठकर योजना बनाते हैं, अनुभव साझा करते हैं और नई पहलें शुरू करते हैं।

इसके अलावा, समिति स्थानीय समस्याओं और चुनौतियों को समझकर उन्हें राजभाषा विभाग के समक्ष रखती है ताकि नीति निर्माण में जमीनी स्तर की बातें भी शामिल हों।

नवीनतम जानकारी (2024-25)

✅ राजभाषा विभाग ने हाल के वर्षों में डिजिटल साधनों का भी उपयोग बढ़ाया है।
✅ अब कई नगर समितियां अपनी बैठकें आंशिक रूप से ऑनलाइन मोड में भी आयोजित करती हैं।
✅ ई-ऑफिस और डिजिटल फाइलिंग सिस्टम में हिंदी इंटरफेस को बढ़ावा देने पर भी चर्चा होती है।
✅ राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम में अब सोशल मीडिया पर हिंदी के प्रयोग के लक्ष्य भी शामिल किए गए हैं।


नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियां भारत सरकार की राजभाषा नीति को जमीनी स्तर पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनके माध्यम से केन्द्र सरकार के कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को सुनिश्चित किया जाता है और कर्मचारियों को हिंदी में काम करने के लिए तैयार किया जाता है।

भारत की राजभाषा नीति का लक्ष्य केवल आदेश जारी करना नहीं, बल्कि सभी के सहयोग और भागीदारी से हिंदी को राजकाज की प्रभावी भाषा बनाना है – और इसमें नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियां एक मजबूत कड़ी हैं।





नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति 

केन्द्र सरकार के देश भर में फैले कार्यालयों/उपक्रमों/बैंकों आदि में राजभाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने और भारत सरकार की राजभाषा नीति के कार्यान्वयन में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए केन्द्र सरकार के 10 या 10 से अधिक कार्यालयों के लिए नगर विशेष में स्थित केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों/उपक्रमों/बैंको आदि के वरिष्ठतम अधिकारियों में से एक अधिकारी की अध्यक्षता में गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के सचिव के अनुमोदन से नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति गठित की जाती है । 

वर्तमान में पूरे देश में लगभग 264 नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियां गठित हैं । इस समिति की वर्ष में 2 बैठकें आयोजित करना आवश्यक है । इन बैठकों में सभी सदस्य कार्यालयों/उपक्रमों/बैंको आदि में राजभाषा कार्यान्वयन की समीक्षा की जाती है । समिति द्वारा सदस्य कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों /कर्मचारियों के लिए समय-समय पर हिंदी प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएं तथा हिंदी कार्यशालाओं आदि की व्यवस्था की जाती है । समिति द्वारा सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए सभी सदस्य कार्यालयों को राजभाषा विभाग द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम तथा समय-समय पर जारी विभिन्न आदेशों एवं दिशा निर्देशों के बारे में व्यापक जानकारी दी जाती हैं ।


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